एक नई रिसर्च के अनुसार, टीवी देखने का समय कम करने से डिप्रेशन का खतरा काफी कम हो सकता है
शोध में पाया गया कि रोज 1 घंटा कम टीवी देखने से डिप्रेशन का जोखिम 11% तक घट जाता है
यदि कोई रोजाना 2 घंटे कम टीवी देखे, तो डिप्रेशन का खतरा 40% तक कम हो सकता है
इसका सबसे अच्छा असर 40 से 65 साल की उम्र के लोगों में देखा गया है
ज्यादा टीवी देखने से शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और लोगों से मेलजोल भी घट जाता है
टीवी की नीली रोशनी नींद वाले हॉर्मोन को कम करती है, जिससे बॉडी क्लॉक बिगड़ जाती है
लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठने से मानसिक थकान और तनाव बढ़ता है