Prashant Kishor का बिहार सरकार पर वार, बोले- शराबबंदी केवल सरकारी फाइलों में लागू है

बिहार में शराबबंदी गहन जांच के दायरे में है। जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर इसे औपचारिकता बताते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी में मौजूद है।

किशोर की टिप्पणी हाल ही में हुई जहरीली शराब त्रासदी के बाद आई है, जिसमें सिवान और सारण में 25 लोगों की जान चली गई है।

पीके ने मुख्यमंत्री की निष्क्रियता की ओर इशारा करते हुए उन्होंने टिप्पणी की और कहा, "भ्रष्ट नेता और माफिया पनपते हैं जबकि त्रासदियों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।"

उन्होंने कहा कि मैं पहला व्यक्ति हूं जो पिछले 3 वर्षों से हर मंच से सार्वजनिक रूप से यह कह रहा हूं कि बिहार में कहीं भी शराबबंदी लागू नहीं है।

प्रशांत किशोर ने कल की घटना बहुत दुखद है। डेढ़ साल पहले छपरा में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। शराबबंदी सिर्फ सरकारी फाइलों और नेताओं के भाषणों में ही लागू होती है।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिहार का कोई जिला ऐसा नहीं है जहां जहरीली शराब से लोगों की मौत नहीं हुई हो। कई घटनाओं की तो रिपोर्ट तक नहीं हुई।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा कि संवेदनहीनता इतनी है कि इतनी मौतों के बाद सरकार के मुखिया नीतीश कुमार सरकार की तरफ से वहां जाएंगे भी नहीं।

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