सुप्रीम कोर्ट ने सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के अपने पुराने फैसले को बिल्कुल सही माना है
कोर्ट ने साफ कर दिया है कि महिलाओं के सेना में स्थायी रूप से सेवा करने के अधिकार में अब कोई रुकावट नहीं डाली जाएगी
जिन महिला अधिकारियों को कानूनी प्रक्रिया के दौरान नौकरी से हटा दिया गया था, उन्हें अब 20 साल की सेवा पूरी करने वाला माना जाएगा
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब ये महिला अधिकारी पेंशन पाने की हकदार होंगी
हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि उन्हें पिछली अवधि का बकाया वेतन नहीं दिया जाएगा
यह फैसला शॉर्ट सर्विस कमीशन की महिला अधिकारियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आया है
इसे भारतीय सेना में स्त्री-पुरुष समानता और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है