जापान ने अपने दशकों पुराने सख्त नियमों में बदलाव करते हुए हथियारों के निर्यात पर लगी पाबंदियों को कम कर दिया है।
भारत ने जापान के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है और इसे दोनों देशों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती चुनौतियों का सामना करना दोनों देशों की प्राथमिकता है।
पहले जापान केवल बचाव, परिवहन और निगरानी जैसे सीमित हथियारों का ही निर्यात कर सकता था।
नियमों में इस ढील के बाद, जापान अब उन 17 देशों को घातक हथियार बेच सकेगा जिनके साथ उसके रक्षा समझौते हैं।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा है कि बदलते सुरक्षा माहौल में कोई भी देश अब अपनी रक्षा अकेले नहीं कर सकता।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग, भारत और जापान के बीच बनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी का एक अहम हिस्सा है।