भारतीय वायुसेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए पांचवीं पीढ़ी के नए फाइटर जेट खरीदने की तैयारी कर रही है
इस रेस में रूस का 'सुखोई-57' भारत की पहली पसंद बनकर उभरा है
चीन के पास पहले से J-20 जैसे आधुनिक जेट हैं, जिन्हें देखते हुए भारत को भी जल्द इन विमानों की जरूरत है
भारत का अपना स्वदेशी फाइटर जेट तैयार होने में अभी लगभग 10 साल का समय लग सकता है
विकल्प के तौर पर अमेरिका के F-35 जेट पर भी चर्चा हुई, लेकिन उस पर ज्यादा विचार नहीं किया गया
अमेरिकी जेट के साथ कड़ी शर्तें और प्रतिबंध जुड़े होते हैं, जो भारत की स्वतंत्रता को सीमित कर सकते हैं
रूस के विमानों के साथ भारतीय मिसाइलों (जैसे ब्रह्मोस) को जोड़ना और इस्तेमाल करना ज्यादा आसान है
रक्षा मंत्रालय अब जल्द ही इन फाइटर जेट्स की खरीद को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है