सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ अच्छी डाइट काफी नहीं है, बल्कि हमारे व्यवहार और मानसिक शांति का भी शरीर पर गहरा असर पड़ता है
ज्यादा गुस्सा आना सिर्फ एक स्वभाव नहीं है, बल्कि यह तनाव, नींद की कमी या हार्मोनल असंतुलन की वजह से भी हो सकता है
जब हम गुस्सा करते हैं, तो शरीर में एड्रेनालिन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं, जो शरीर को 'फाइट मोड' में रखते हैं
बार-बार गुस्सा करने से दिल की धड़कन तेज हो जाती है और बीपी अचानक बढ़ सकता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है
लगातार गुस्से में रहने वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने की संभावना सामान्य लोगों से 2 से 3 गुना तक ज्यादा हो सकती है
अधिक गुस्से से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, जिससे व्यक्ति चिड़चिड़ा, उदास और मानसिक रूप से अस्थिर महसूस करने लगता है
खुश रहने और हंसते-मुस्कुराते रहने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कई क्रॉनिक बीमारियों से बचाव होता है